1. किसान आंदोलन: समिति कैसे करेगी न्याय, सदस्य कर चुके हैं कृषि कानूनों का समर्थन  अमर उजाला
  2. सुप्रीम कोर्ट की समिति के सदस्य सरकार समर्थक, उसके समक्ष पेश नहीं होंगे: किसान संगठन  News18 इंडिया
  3. Supreme Court : कृषि कानून रदद् भी कर सकते हैं पर समाधान आने तक रोक  Punjab Kesari TV
  4. 'हम अपने हाथों पर किसी का खून नहीं चाहते', सप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर कहीं ये बड़ी बातें  Navbharat Times
  5. सुप्रीम कोर्ट की समिति में चुने गए चारों सदस्‍यों ने किया था कृषि कानूनों का समर्थन  NDTV India
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इस समिति में जो लोग शामिल किए गए हैं उनमें से कई लोग पहले की नए कृषि कानूनों का समर्थन कर चुके हैं। ऐसे में यह समिति निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ कैसे काम करेगी, यह बड़ा सवाल बन गया है।इस समिति में जो लोग शामिल किए गए हैं उनमें से कई लोग पहले की नए कृषि कानूनों का समर्थन कर चुके हैं। ऐसे में यह समिति निष्पक्षता

Some Members Of Committee Formed By Supreme Court Have Already Supported Farm Laws - किसान आंदोलन: समिति कैसे करेगी न्याय, सदस्य कर चुके हैं कृषि कानूनों का समर्थन - Amar Ujala Hindi News Live

Kisan Andolan: किसान नेता ने कहा कि संगठनों ने कभी मांग नहीं की कि उच्चतम न्यायालय कानून पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए समिति का गठन करे और आरोप लगाया कि इसके पीछे केंद्र सरकार का हाथ है.Kisan Andolan: किसान नेता ने कहा कि संगठनों ने कभी मांग नहीं की कि उच्चतम न्यायालय कानून पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए समिति का गठन करे और आरोप लगाया कि इसके पीछे केंद्र सरकार का हाथ है.

सुप्रीम कोर्ट की समिति के सदस्य सरकार समर्थक, उसके समक्ष पेश नहीं होंगे: किसान संगठन

Farm Laws: समित‍ि के सदस्‍यों में भारतीय किसान यूनियन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भूपिंदर सिंह मान, इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्‍टीट्यूट के साउथ एशिया डायरेक्‍टर डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और शेतकरी संगठन के प्रमुख अनिल घनवत (वे मीडिया में लिखे अपने लेखों में किसान कानूनों के पक्ष में राय दी थी) शामिल हैं.Farm Laws: समित‍ि के सदस्‍यों में भारतीय किसान यूनियन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भूपिंदर सिंह मान, इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्‍टीट्यूट के साउथ एशिया डायरेक्‍टर डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और शेतकरी संगठन के प्रमुख अनिल घनवत (वे मीडिया में लिखे अपने लेखों में किसान कानूनों के पक्ष में राय दी थी) शामिल हैं.

All four Members Chosen For Supreme Court Committee Had supported Farm Laws - सुप्रीम कोर्ट की समिति में चुने गए चारों सदस्‍यों ने किया था कृषि कानूनों का समर्थन | India News in Hindi

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भारत न्यूज़: Supreme Court On Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसानों पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर लंबा चला तो आन्दोलन हिंसक हो सकता है।भारत न्यूज़: Supreme Court On Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसानों पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर लंबा चला तो आन्दोलन हिंसक हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. साथ ही दिल्ली के तमाम नाकों पर प्रदर्शनकारी किसानों के मुद्दे को सुलझाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है जिसे दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. इस कमेटी में भूपिंदर सिंह मान, प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी और अनिल घनवंत शामिल हैं. ये कमेटी कृषि कानूनों पर किसानों की शिकायतों और सरकार का नजरिया जानेगी और उसके आधार पर अपनी सिफारिशें देगी.सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. साथ ही दिल्ली के तमाम नाकों पर प्रदर्शनकारी किसानों के मुद्दे को सुलझाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है जिसे दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. इस कमेटी में भूपिंदर सिंह मान, प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी और अनिल घनवंत शामिल हैं. ये कमेटी कृषि कानूनों पर किसानों की शिकायतों और सरकार का नजरिया जानेगी और उसके आधार पर अपनी सिफारिशें देगी.

SC कमेटी के चारों सदस्य कृषि कानूनों के समर्थक, कांग्रेस बोली- कौन करेगा न्याय? - CONGRESS randeep surjewala SAYS All 4 members of Supreme Court appointed panel have supported farm laws - AajTak

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को लेकर जिस तरह से केन्द्र और किसानों के बीच बातचीत चल रही है, उससे वह ‘बेहद निराश’ है। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि क्या चल रहा है? राज्य आपके कानूनों के खिलाफ बगावत कर रहे हैं।नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को लेकर जिस तरह से केन्द्र और किसानों के बीच बातचीत चल रही है, उससे वह ‘बेहद निराश’ है। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि क्या चल रहा है? राज्य आपके कानूनों के खिलाफ बगावत कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सरकार को दोटूक, कृषि कानूनों पर आप रोक लगा रहे हैं या हम लगाएं | Webdunia Hindi

दिल्ली की सीमाओं पर पिछले करीब सवा महीने से डटे प्रदर्शनकारी किसानों के आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में Farmer Protest Supreme Court Verdict Today pleas against Farm Laws Kisan andolan, Hindi News - Hindustanदिल्ली की सीमाओं पर पिछले करीब सवा महीने से डटे प्रदर्शनकारी किसानों के आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में नए कृषि कानूनों और किसानों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर आज यानी मंगलवार को अपना आदेश सुना सकता है।...

Farmer Protest Supreme Court Verdict Today pleas against Farm Laws Kisan andolan - सड़क पर घमासान, कब निकलेगा समाधान? कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज