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Lok Sabha election 2019 के लिए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को बाहर कर समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए अप्रत्याशित रूप से गठबंधन के बाद राजनीति काफी तेज हो गई है. बिहार में महागठबंधन में कांग्रेस के साथ शामिल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी ने रविवार रात लखनऊ में मायावती से मुलाकात की.

Lucknow Political News: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मायावती से अचानक मुलाकात कर सभी को हैरान कर दिया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि लालू यादव की पार्टी भी गठबंधन का हिस्सा बन सकती है।

मायावती (Mayawati) से मुलाकात के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी ने कहा, अब यूपी और बिहार से बीजेपी का सफाया होगा. यूपी में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत पाएगी. मायावती से हमें मार्गदर्शन मिले, हम यही चाहते हैं. इनसे हमें सीखने का मौका मिलता है. सपा-बसपा गठबंधन से लोगों में खुशी है. आज ऐसा माहौल है जहां वे बाबा साहेब के संविधान को मिटाना चाहते हैं और नागपुर के कानूनों को लागू करना चाहते हैं. लोग मायावती जी और अखिलेश जी द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हैं. यूपी और बिहार में बीजेपी का सफाया हो जाएगा. वे यूपी में 1 सीट भी नहीं जीत पाएंगे, सभी सीटें सपा-बसपा गठबंधन को मिलेंगी.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को देर शाम बसपा अध्यक्ष मायावती से मुलाकात की और सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले. इस मुलाकात के पीछे राजनीतिक मकसद भी छिपा हुआ है. सपा-बसपा गठबंधन में आरजेडी हिस्सा बनकर यूपी में एंट्री करना चाहती है तो अखिलेश और मायावती की नजर बिहार पर है.

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव मिशन 2019 की तैयारियों में पूरी तरह से जुट गए हैं. पिता लालू प्रसाद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब वो चुनावी मोड में उतर गए हैं यही कारण है कि सीटों के बंटवारे से ठीक पहले तेजस्वी ने एक साथ सात जिलों से अपनी पार्टी के विधायकों को बैठक के लिए पटना बुलाया है.