1. ये दो झंडे साथ रहे तो बढ़ जाएंगी भारत की मुश्किलें ! Afghanistan | Taliban | Pakistan |  Zee News
  2. क्या अफगानिस्तान में तालिबान के उभार से सूख जाएगी आपकी मेवों की कटोरी?  Navbharat Times
  3. Google समाचार पर पूरी खबर देखें
भारत और अफगानिस्तान के मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के व्यापारिक संबंध भी सदियों पुराने हैं। दोनों देशों की भौगोलिक निकटता और ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए भारत अफगानिस्तान का नेचुरल ट्रेडिंग पार्टनर है और दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान के उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार है। अफगानिस्तान में कई साल से अशांति और गृह युद्ध जैसे हालात से जूझ रहा है। इसके बावजूद भारत यह भारत के लिए सूखे मेवों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। बल्कि पिछले कुछ वर्षों में वहां से सूखे मेवों के आयात में और तेजी आई है। अफगानिस्तान से भारत को होने वाले निर्यात में 99 फीसदी हिस्सा कृषि और उससे जुड़े उत्पादों का है।भारत और अफगानिस्तान के मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के व्यापारिक संबंध भी सदियों पुराने हैं। दोनों देशों की भौगोलिक निकटता और ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए भारत अफगानिस्तान का नेचुरल ट्रेडिंग पार्टनर है और दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान के उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार है। अफगानिस्तान में कई साल से अशांति और गृह युद्ध जैसे हालात से जूझ रहा है। इसके बावजूद भारत यह भारत के लिए सूखे मेवों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। बल्कि पिछले कुछ वर्षों में वहां से सूखे मेवों के आयात में और तेजी आई है। अफगानिस्तान से भारत को होने वाले निर्यात में 99 फीसदी हिस्सा कृषि और उससे जुड़े उत्पादों का है।

navbharattimes.indiatimes.com